तन्हाइयो कि आशियां
Tuesday, November 19, 2013
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मौसम दबी दबी सी है तुम्हारी तरह
जैसे गुलाब अपनी महक खो गयी हो
इस मायूसी कि वजह न समझ पाऊं
चौदवीं का चाँद धुन्दली जो हो गयी हो
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